नजरें जब दीवारों से
टकराती है ,,,,,,
नजरें दीवारों से
कुछ कहती हुई
नजर आती है
दीवारें चमकती
रहती है
नजरें छलकती
रहती है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
टकराती है ,,,,,,
नजरें दीवारों से
कुछ कहती हुई
नजर आती है
दीवारें चमकती
रहती है
नजरें छलकती
रहती है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
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