Thursday, 15 November 2012

किसी आदमी के हठ में आज
हमारे देश की दिशा बदल दी
वो चाहता तो आज हम ऐसे
नही होते आज दुनिया उसके
चहरे को पुजती है वो अंदर
से क्या था ये कोई नही जनता
वो चाहता था की मेरी
लोकप्रियता कम न हो जाये ,,,,,,,,,,,,
बाकी आप सब जानते हो मेरे से ज्यादा समझदार हो
जय हिन्द जय भारत ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
इन्कलाब जिंदाबाद ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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