बुटेवाली मखमली चद्दरों
में कैसे चैन आता है
जब जेष्ठ सर पर तपता है
सावन झुग्गीयों से अंदर
तन पे आता है ,,,,,,,,,,,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
में कैसे चैन आता है
जब जेष्ठ सर पर तपता है
सावन झुग्गीयों से अंदर
तन पे आता है ,,,,,,,,,,,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
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