मुझे भी आते है ये प्यार भरे हर्फ़
लिखने
असर क्या करेगें आपकी सेहत पर
आज तो नफ़रत भी तो इस कद्दर है
भाई को भाई से बहिन को भाई से
इंसान को खुदा से
बंदे को मंदिर मस्जिद से
हम से तुम से तुम को हम से
वतन भी रास नही आ रहा है…………
तो ये कागज काले क्यों करुं
लिखने
असर क्या करेगें आपकी सेहत पर
आज तो नफ़रत भी तो इस कद्दर है
भाई को भाई से बहिन को भाई से
इंसान को खुदा से
बंदे को मंदिर मस्जिद से
हम से तुम से तुम को हम से
वतन भी रास नही आ रहा है…………
तो ये कागज काले क्यों करुं
एक रुल ऐसा भी आ सकता है की
यहां पे विदेशी कलम हमारे सफ़ेद
कागजो पे लिखे गी ……………………॥
भगत ………॥
यहां पे विदेशी कलम हमारे सफ़ेद
कागजो पे लिखे गी ……………………॥
भगत ………॥
No comments:
Post a Comment