अगर सपनें है
तेरे इतने ही नेक भगत
इन्हें यथार्थ पर ला
इनको इस धरा पर
चलना सिखा
ये हकीक़त से
रुबरु तो हो
हंसना सीखें
रोना सीखें
अगर होगें खड़े
तेरे इतने ही नेक भगत
इन्हें यथार्थ पर ला
इनको इस धरा पर
चलना सिखा
ये हकीक़त से
रुबरु तो हो
हंसना सीखें
रोना सीखें
अगर होगें खड़े
अपने पांवों
पे तो पा लेगें
कामयाबी
बुझे हुये
दीपको को लौ
देगें...........
भगत सिंह बेनीवाल
पे तो पा लेगें
कामयाबी
बुझे हुये
दीपको को लौ
देगें...........
भगत सिंह बेनीवाल
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