जैसा भी हुं
मुझे रहने दो
आप इसी हालात में
मैं खुद भी नही
अडिग अपनी बात पे
क्या असर करेंगी
आपकी ये धारा मुझपे
सिकने दो आप मुझे
इस धुप में
इम्तिहान खुद का
मुझे रहने दो
आप इसी हालात में
मैं खुद भी नही
अडिग अपनी बात पे
क्या असर करेंगी
आपकी ये धारा मुझपे
सिकने दो आप मुझे
इस धुप में
इम्तिहान खुद का
लेने दो …॥
जैसा भी हुं
मुझे रहने दो
आप इसी हालात में
आन्नद नही रहा है
अब इस फीकी मुस्कुराहट में……………॥
भगत
जैसा भी हुं
मुझे रहने दो
आप इसी हालात में
आन्नद नही रहा है
अब इस फीकी मुस्कुराहट में……………॥
भगत
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