Monday, 10 December 2012

वतन के वास्ते

इतना कुछ किया था
उन्होने वतन के वास्ते
आप बचा तो ना सके …
ये आपकी भुल ही सही
गलतीयां अक्सर हो जाती है…
इन्सानों से ………
कुछ ऐसा जाना है मैने की
बोटी-बोटी कर दी थी…
बोरीयां भर दी थी……
केरोसीन से स्वाह कर दी थी……

आंसूओ का सैलाब नही आता
पर आपकी बिकी हुई जुबान ने
वो जमीं आंसूओं से दलदली कर दी थी……॥
………जय हिन्द जय भारत ……

भगत सिंह बेनीवाल

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