आप हंसों ओर खिलखिलाओ
तालीयां बजाओ कुछ ऐसा करुं
या
उनके लिये कुछ करुं जिनके कंधो
पर कचरे के थेले जिनकी रात फ़ुट्पात
पर गुजरती है ……………………………………॥
फैसला आपके हाथ ……………।
तालीयां बजाओ कुछ ऐसा करुं
या
उनके लिये कुछ करुं जिनके कंधो
पर कचरे के थेले जिनकी रात फ़ुट्पात
पर गुजरती है ……………………………………॥
फैसला आपके हाथ ……………।
आपको कम ही जचेगी ………
जय हिन्द ………जय हिन्द
भगत सिंह बेनीवाल
जय हिन्द ………जय हिन्द
भगत सिंह बेनीवाल
अच्छी सोंच ......
ReplyDelete