Tuesday, 2 October 2012

दो कदम

छोटे से लफ्जों को
मुलाकात समझ बैठे ..!!
चले हम-तुम दो कदम
हम इसे आपका साथ
समझ बैठे ..!!!
भगत सिंह बेनीवाल

No comments:

Post a Comment