जब हुकुमत
गेरों की
हमारे लफ्जों
में झलकने
लगती है
माँ -बाप की
नजरें
बेबस सी
नजर आने
लगती है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
गेरों की
हमारे लफ्जों
में झलकने
लगती है
माँ -बाप की
नजरें
बेबस सी
नजर आने
लगती है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
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