कब तक तुम हमसे कहते रहोगे
सुनते हम कब तक रहेंगें
ये तो तुम भी जानते हो
हम तुमसे क्या चाहते है
बस नसीब हो जाये
आसानी से मुझे मेरे वतन में
मुझे दो वक्त की रोटी
छोटा सा कपडा. जिसे कफन कहते है ,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
सुनते हम कब तक रहेंगें
ये तो तुम भी जानते हो
हम तुमसे क्या चाहते है
बस नसीब हो जाये
आसानी से मुझे मेरे वतन में
मुझे दो वक्त की रोटी
छोटा सा कपडा. जिसे कफन कहते है ,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
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