संभल कर चलना राही ,,,,
अपनी मंजिल की और
कांटे तो डालता मिलेगा
हर कोई ,,,,,,
गुलाब डालता मिलेगा
कोई -कोई ,,,,
शोर मचाएगा तुम्हे देखकर
हर कोई ,,,,
कुछ कहता हुआ नजर आएगा
कोई -कोई ,,,
अपनी मंजिल की और
कांटे तो डालता मिलेगा
हर कोई ,,,,,,
गुलाब डालता मिलेगा
कोई -कोई ,,,,
शोर मचाएगा तुम्हे देखकर
हर कोई ,,,,
कुछ कहता हुआ नजर आएगा
कोई -कोई ,,,
संभल कर चलना राही
अपनी मंजिल की और ,,,,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
अपनी मंजिल की और ,,,,,,!!!
।।भगत सिंह बेनीवाल ।।
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