अपनी जवानी कर देता है
वतन के हवाले
दुश्मन अपनी काली नजर
वतन पे ना डाले
दो ही आसरे है
एक धोरों में दुसरा पर्वत पर
सर्दी तुफां गर्मी आंधीयां
थर-थर कांपते है उसके आगे
वो गीदड भी भागते है
उसके आगे दुम दिखा के …
मात नही खाता है वो
उस बर्फ की सफेद चद्दर से
दुसरी सफेद चद्दर के सामने मात खा जाता है
माटी को माँ मानता है
हर भाई-बहिन माँ-बाप की
हिफाज़त करना जानता है
भुल जाता है ह्मारी तरह जीना
वो भी जीना जानता है हमारी तरह जीना
वो जन्मजात सिपाही नही है
वो देख नही सकता है
हमारी आंखों में आंसू
हमारे चहरे पे पसीना …
अंजाम ओर सिला हमारी हिफाज़त का
ये मिलता है उसको
उसने एक जीवन दिया है हमको
हमनें क्या दिया है उसको ????????? … भगत ……
……………………जय हिन्द …………………
वतन के हवाले
दुश्मन अपनी काली नजर
वतन पे ना डाले
दो ही आसरे है
एक धोरों में दुसरा पर्वत पर
सर्दी तुफां गर्मी आंधीयां
थर-थर कांपते है उसके आगे
वो गीदड भी भागते है
उसके आगे दुम दिखा के …
मात नही खाता है वो
उस बर्फ की सफेद चद्दर से
दुसरी सफेद चद्दर के सामने मात खा जाता है
माटी को माँ मानता है
हर भाई-बहिन माँ-बाप की
हिफाज़त करना जानता है
भुल जाता है ह्मारी तरह जीना
वो भी जीना जानता है हमारी तरह जीना
वो जन्मजात सिपाही नही है
वो देख नही सकता है
हमारी आंखों में आंसू
हमारे चहरे पे पसीना …
अंजाम ओर सिला हमारी हिफाज़त का
ये मिलता है उसको
उसने एक जीवन दिया है हमको
हमनें क्या दिया है उसको ????????? … भगत ……
……………………जय हिन्द …………………
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